Introduction:-
18 वी शताब्दी के प्रारंभ में क्या तत्वों की संख्या बहुत कम थी अतः इनका तथा उनके यौगिक का अध्ययन करना एक सरल कार्य था । परन्तु निरन्तर नए नए तत्वों की खोज होने के कारण उनके अध्यन मे कठिनाई होने लगी । इस समस्या से निपटने के लिए बैज्ञानिको ने उन्हे क्रम से उनके गुणधर्मों के अधार पर अलग करने के कुछ नियम बनाये जिन्हे आवर्त नियम कहते है।
कुछ बैज्ञानिको के नियम जो बहुत अधिक मान्य हुए कुछ इस प्रकार है।
1) डोबेराइनर का त्रिक माडल :-
इस नियम के अनुसार तत्वों को उनके परमाणु द्रव्यमान के आरोही क्रम में रखने पर बीच वाले तत्व का परमाणु द्रव्यमान , अन्य दो तत्वों के परमाणु द्रव्यमान के औसत के लगभग बराबर होता है ।
A)
2) न्यूलैंड का अष्टक नियम
3) मेन्डलीफ की मूल आवर्त सारणी
4) मोजले की आधुनिक आवर्त सारणी
आधुनिक आवर्त सारणी के गुण :-
1. आधुनिक आवर्त सारणी को 7 आवर्त तथा 18 समूहों में बाटा गया है।
2. आधुनिक आवर्त सारणी मे 4 ब्लाक S , P , D , F होते है ।
3. आधुनिक आवर्त सारणी में S - block सारणी के वायी तरफ तथा P - block दायी तरफ और D - block आवर्त सारणी के बिच में होता है।
4. S - block मे लगभग सभी धातुयें है।
5 P - block में धातु , अधातु तथा अक्रिय गैस उपस्थित है।
आधुनिक आवर्त सारणी के दोष :-
1. आधुनिक आवर्त सारणी में F - block के तत्वों को कोई स्थान प्राप्त नही है। इन्हे आवर्त सारणी के निचे अलग से रखा गया है ।
2 आधुनिक आवर्त सारणी में हाइड्रोजन का स्थान fix न होना इसके दोषों में से एक है ।
.jpeg)
No comments:
Post a Comment